स्वर्ग परी
"स्वर्गपरी" :::::::::;::::::::::; कन प्यारा, कन स्वाणा स्वर्गपरी, तेरा सुपन्यां ख्याल स्वर्गपरी। मैं सुदबुद ख्वै स्वर्गपरी, तेरा सुपन्यां ख्यालूं ख्वै ग्यौं स्वर्गपरी।। तेरु मुलमुल, खितखित हैंसणु, स्वर्गपरी, स्वर्गपरी। मेरी मन बगछट बणी स्वर्गपरी, बौळ्या गे स्वर्गपरी।। सजी-धजी, तेरु ब्यौलि-फ्यौलि सी खिलणु स्वर्गपरी। मेरा मन-आंख्यूं स्वर्गपरी, तेरी प्यारी मूरत बसिगे स्वर्गपरी।। तेरु मठु-मठु, ठुमक-ठुमक हिटुणु स्वर्गपरी। मेरा मन कुतगळी लगे, बेबस करिगे स्वर्गपरी।। तेरी गोरी मुखड़ि, कळसणि आंखी स्वर्गपरी। मेरि निंद, उनींद करी, उटपोड़ करिगि स्वर्गपरी।। कन प्यारा, कन स्वाणा स्वर्गपरी, तेरा सुपन्यां ख्याल स्वर्गपरी।। :: कल्याण सिंह चौहान "दिल" :::::::::::::;;;