काळु-तिल
: :::"काळु-तिल":::: ######## गोरी पंगळदक मुखड़ि, सोना पै सुहागु, तेरु काळु-काळु तिल, तेरु काळु-काळु तिल।। नौणै सी गोंदिगि, सुर्ख गळोड़ियू,स्वाणु लगदु, तेरू गैरु-गैरु पिल, तेरू गैरु-गैरु पिल ।। ठुमक-ठुमक हिटदु, नागिन सी धौंपेलि, तेरी इनै-उनै हिल, धौंपेलि तेरी इनै-उनै हिल।। औंदु-जांदु देखणू त्वे, दाना-सयणौं की भी, आंखि-कंदुड़ि चिल, आंखि-कंदुड़ि चिल।। हर दिलै धड़कन, हर दिल मा बसी, हर क्वी चांदु, मैं अकेला मिल, मैं अकेला मिल।। गोरी पंगळदक मुखड़ि, सोना पै सुहागु, तेरु काळु-काळु तिल, तेरु काळु-काळु तिल।। :::: कल्याण सिंह चौहान "दिल":::