हड्डगियू सान
ःःःः हड्डगियू सान ःःःः ःःःःःःःःःः रसी गौला अडगी, होणू हड्डगियू कु सान। हड्डगियू कु सान। निबचि ब्वे बब्वीई, भै बैणौं दगड़, भ्यार होणू, एकता कु गान। हड्डगियू कु सान। औरु कि नजर अकरु-ककरु, मेरा काले नजर बड़ा बखरु। आजकल दुनिये नजर, तुम्हारी धन दौलत, बाकि क्वी अपणु न बिरणू। मेरा काले नजर बड़ा बखरू।। बग्वाल बीति, द्वी सारि रीति। ज्वनी अर मालताल जब तकै, तब तकै दुनिया अपणी। बुढ़पा अर खालि कीसा क्वी न पूछा हम पै क्या बीति। द्वी सारि रीति। भैंसौ मोल, भैंसा का ढंमणौ कू। गरीब ब्वे-बब्बून पांच-छः बच्चा पलेन। अब नौना बोलदन, तुमू जी कमा कि, बाल बच्चा अपणौ कू। भैंसा ढंमणौ कू। पित्र पूजि बल, लगि पठाल। बुरु कै त मिलदि-मिलदि, आजकल त भलु कै भी मिलदि गाअल। लगि पठाल।। कल्याण सिंह चौहान।