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Showing posts from December, 2021

मेरी महाभारत

 ःःःः मेरी महाभारत - MERI MAHABHART ःःः         ःःःःःःःःःः दोस्ती निभै, गौला लगै कि मौत, हार पक्की जणदु भी, कर्ण बणी।। सच बोलदौ,सच्चै दगड़ रैणै करदौ कोशिश, अपणौ खातिर, सच्चा लवेद भी बोलेन युधिष्ठिर बणी।। भै-बंद नि भरमैन कभी, अपणा लोभ-लालचौ, नि बुतेन बीज कभी महाभारता, शकुनि बणी।। जु कै अपणा बलबूता कै, न कै का बलबूता, सारु पै कि नि हरै क्वी, कभी अर्जुन बणी ।। बिना सोच्यां समझयां, कसम नि लेन भीष्म बणी, अपणौ खातिर मौत स्वीकार करी, अभिमन्यु बणी।।        ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःः      

प्रेम व धन

 ःःःः प्रेम व धन - PREM V DHAN ःःः       ःःःःःःःःःः प्रेम धनी, भौतिक धनवान हो सकता नहीं। धन मिल भी जाए, संग्रह कर सकता नहीं।। दो दिलों का पवित्र मिलन, ही तो प्यार है। आंखों का आकर्षण, प्यार हो सकता नहीं।। प्यार मे सर्वस्व न्यौछावर कर, लुट जाना होता है। धन धनी का प्यार, ज्यादा दिन टिक सकता नहीं।। चंद चांदी सिक्कौं बिके जो, भोग, लोभ लालच है। ठोकर पे धन दौलत, प्यार से बड़ा हो सकता नहीं। प्यार धन मोह , किसी का गला घोट सकता नहीं। प्यार आग तपा, किसीका दिल दुःखा सकता नहीं।।         ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः

जान हमारी.

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 ःःःः जान हमारी - JAAN HUMARI ःःःः        ःःःःःःःःःः लगाउ हमें उनसे, अपनी जान से ज्यादा हो गया। सच है हमें, मूल से ज्यादा ब्याज प्यारा हो गया।। जब तक न देखें उन्हें, न सुनें उनकी मीठी बात। क्या खोया क्या पाया, लगता है हमें कुछ हो गया।। खूब फूलें फलें वे, चौमुखी हो उनका विकास। अपना सब कुछ क्या, ये जीवन भी उनका हो गया।। एक पल मे उनका रूठ जाना, एक पल मे मान जाना। हमारे जीवन के जीने की, कड़वी मीठी दवा हो गयी।। हमारी बगिया की, सुंदर खिलती कलियां हैं वे। हमारे जीने का, बहुत सुंदर सहारा हो गया।।       ः ः ः कल्याण सिंह चौहान "दिल" ःःःःः

अच्छा लगता है

 ःःःः अच्छा लगता है - ACHA LAGTA HAI ःःःः        ःःःःःःःःःःःः कुछ कहे वगैर, इसारौं- इसारौं मे तेरा, सब कह देना, मुझे अच्छा लगता है ।। भरी महफिल मे, चोरी-चुपके से तेरा, नजरें मिला के झुका लेना, मुझे अच्छा लगता है ।। लटों को उंगलियों पे, लपेटते हुए तेरा, सरमा जाना, मुझे अच्छा लगता है ।। सहेलियों संग चलते हुए, बहाने से तेरा, झुक के देख लेना, मुझे अच्छा लगता है ।। फूल पत्तियों को, होंठों से छुआ के तेरा, धीरे से छोड़ देना, मुझे अच्छा लगता है ।। हर बात पे, हौले से हां- ना मे तेरा, सर हिला देना, मुझे अच्छा लगता है ।।         ःः। कल्याण सिंह चौहान। ।ःः

जणदु/दि छौ मैं

 ःःःः जणदु/दि छौं मैं ःःःः        ःःःःःःःःःःःः तिन क्या बोली, कै कु बोली, सब समझदु/दि छौं मैं।। सीधा बोलि नि सकदी, तेरि मजबूरी समझदु/दि छौं मैं।। प्यार नौ च मजबूरियू कू, यु जणदु/दि छौं मैं।। हमरा शरीर अलग, दिल धड़कणु एक जणदु/दि छौं मैं।। खौलआ मेलौं तेरु हंसि मजाक, तेरा दिलै बात जणदु/दि छौं मैं।।         ः ः कल्याण सिंह चौहान ःः

मतलब

 ःःःः  मतलब - MATLAB ःःःः          ःःःःःः मतलबौ, मतलब सै च केवल मतलब, मतलब निकली, फिर कैसे क्या मतलब, मतलब से, मतलब पै, मतलबियू च मतलब।। मतलबियू मैं से मतलब, तुम सै मतलब, बाटा औंदा जांदा, अजाण बटोयूं सै मतलब, मैं, मेरा सै शुरू, मैं मेरा पै खत्म मतलब।। मतलबियू मतलब अपणा मतलब तकै, मतलबी खुशी बस अपणा मतलब तकै, मतलबियू दगुड़ु बस अपणा मतलब तकै।। मतलबियू अगनै भी, पिछनै भी मतलब, इनै भी, उनै भी अपणु ही अपणु मतलब, मतलबियू अपणा मतलबा सिवै, कुछ न मतलब।।         ः ः कल्याण सिंह चौहान ःः