बहू मायका. ससुराल
ःःःः बहू मायका. ससुराल ःःःः ःःःःःःःःःःःःःःःः जिनके कलेजे के टुकड़े लाए हैं हम, अपनाने को, लाखों कमियां गिनाते हैं वे, हमारे घर के पालने में।। मायके से ज्यादा, ससुराल में सम्पन्नता मिली उन्हें, मायका परिपूर्ण है, कमियां गिनाते हैं वे ससुराल में।। ससुराल की नींव हिला, मायका भी अशांत करती हैं, ससुराल की छोटी से छोटी बात, बता कर मायके में।। ससुराल से दूर कर देता है, मायके का मोह लड़की को, गलत सीख मां बाप की, बसने नहीं देते बेटी ससुराल में।। हस्तक्षेप करते हैं जो मां बाप, बेटी के ससुराल में। उनका जीवन नर्कमय है, इस लोक व परलोक में। मंत्र है सुख शांति युक्त रखने का, अपना घर संसार। रिस्ता जोड़िए लाडलों का, अपने सम-उच्च परिवार में।। कल्याण सिंह चौहान " दिल"