प्रश्न चिन्ह
ःःःः प्रश्न चिन्ह - PRASHN CHINH ःःःः ःःःःःःःः कहां गया वह भाईचारा, कहां वह प्यार दुलार। क्यों गली गली लूट मची, क्यों मचा हाहाकार।। क्यों बज रही, अपनी अपनी ढपली। क्यों गा रहे सब, अपने अपने राग। क्यों मंडराता हरदम, मौत का साया। क्यों फैल रही, वैमनस्य की आग।। कहां गया....... क्यों क्षितिज पर छाई, घोर निराशा। क्यों धरती से उठती, प्रेम की आशा। क्यों हर आंख झरते, भय से मोती। क्यों बुझ रही, मानवता की ज्योति।। कहां गया..... मतलब का मतलब से ही है, अच्छा व्यवहार। कहीं भूखे नंगे बच्चे, कहीं मनते रोज त्यौहार। क्यों मां जाया भाई, भाई का दुश्मन बना है। क्यों अपना ही हाथ, अपनों के खून सना है।। कहां गया वह भाईचारा, कहां वह प्यार दुलार। क्यों गली गली लूट मची, क्यों मचा हाहाकार।। ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः