बुरा न मानो होली है
।।बुरा न मानो होली है।। &&&&&&&&&&&& होली की मस्ती, देख तो, तन मन रोमांच पैदा कर, अंग अंग भर दूं, रंग/ रसधार, दिखा/ निचोड़ के नींबू धार।। बुरा न मानो होली है, सा रा रा------- न रंग लगाऊं, न अबीर-गुलाल, छुए बगैर सुर्ख कर दूं गाल, तेरी तस्वीर को करके प्यार।।बुरा न---- रंग डालूं, न पानी की धार, पानी भर दूं मूंह में तेरे, दिखा एक फांक अचार।। बुरा न------ होली की मस्ती सब झूम गा नाच रहे, ढोल ताशे के संग, होली के हुड़दंग ठंडाई किसने मिलाई भंग।। बुरा न मानो होली है सा रा रा -- कल्याण सिंह चौहान "दिल "