मेरू कालू रंग
।।।ःःःः" मेरू कालू रंग "ःःःः।।।
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मेरा काला रंगन, बचपन मैं खूब सताई ,
कालू कालू बोली, सब लोखून मैं बुलाई ।।
काला रंगै हीन भावना, मेरा मन बैठ गेई ।
लोखुवी दगड़ बोन बच्याणु, भारी ह्वे गेई ।।
दगड़यौं ध्यान बचपन, पढ़न लेखण रेई ,
मेरा काला रंगन, मैं पढ़ण लेखण नि देई ।।
बचपन छोड़ जब, ज्वनिन ले अंगड़ाई ,
मेरा काला रंग भी , थोड़ा फर्क पड़ गेई ।।
प्रभु राम कृष्ण सांवला , हिम्मत बढ़ गेई ,
काला रंगै हीन भावना, मिन उतार देई ।।
कालू रंग ही मिन , अपणि ताकत बणैई ,
आज भौतूं बराबर , भौतू से छौं अगनैई ।।
प्रभुन दुनिया, काला गोरा , द्वी रंग बणाई ,
कालू गोरु रंगौ , कै कु नौ धरण नि बताई ।।
जतो नाम ततो गुण , ऋषियोंन महत्व बताई ,
नौ एक मंत्र च , प्रभु राम नाम हर नौ समाई ।।
।।।ःःःः कल्याण सिंह चौहानःःःःः।।।
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नोट ःः हर नौ मा भगवान राम जी कु नौ छिप्यू।। अपने नाम के अक्षरों को जितने भी हैं... चार से गुणा करो... उसमें पांच जोड़ो, जितना जोड़ आऐ उसमें.... दो से गुणा करो... जितना आऐ उसमें. आठ का भाग दो.... शेष हमेशा दो आऐगा भगवान राम जी का नाम।। नमस्ते।
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