मजबूरी होलि क्वी
।ःःःःमजबूरी होली क्वी ःःःः।।
कखी बाटा, भेंट होली,
रुकी ना सकी त, खित हैंसी देई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
दिलै बात, बतौण चैली,
बतै ना सकी त, आंख्यूं सनकै जैई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
दगड़ी होला हम, छुंई बात न होऊ,
कुछ वक्त, दगड़ी, बितै देई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
अपणी खुशी, नी बतैली त,
क्वी बात नीच, अपणू दुःख देई जैई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
हम दूर ह्वेई जौला, मिलणू नी होऊ,
घुटघुट बडूली लगैली, याद करी लेई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
मैं भूली जैली, पछाणी नि साकी,
पुराणा दिनू, याद करी लेई,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
सच्चू प्यार पूजा च, क्वी सौदा नीच,
एक नी होयां हम, प्रभु इच्छा होली,
मैं समझी जौलू, मजबूरी होली क्वीई।।
ःःःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःःःः
ःःःःःःःःःःःःःः
Comments
Post a Comment