व्यवंई बेटी
।।।।ःःःःब्यवंई बेटीःःःः।।।।
सुखी रयां बेटी, अपणा परिवार,
तुम मीलू बेटी, दुनियौ कू प्यार,
तुम मीलू बेटी, सैसुर आशीष अपार,
तुम सुखी छां बेटी, सुखी छां हम भी।।
दिल जित्यां सभ्यूं, अपणा व्यवहार,
देन सास ससुर, मां बापू मान,
भै बैणौ जन मन्या, नणद द्विरु,
तुम खुश छांबेटी, खुश छां हम भी।।
नी क्वी बेटियूं , ब्वे बब्बू जनु लाचार,
क्वी नी बेटि्यू जनु, ब्वे बब्बू मददगार,
कमि रै होली बेटी, हमरा घरद्वार,
लाज राखि तुमन, धन्य छां हम।।
अजण्वीं दगड़ जंदा, अंजाण परिवार,
त्रिलोक्यू बेटी, अलग ही विधान,
दगड़ नि रैन, भक्त अर भगवान,
त्याग तुम्हरा बेटी, खुश छां हम।।
तीन देवियू की बेटी, मूर्ति छां तुम,
लोक संस्कृति कि बेटी,छां वाहक,
छां बेटी तुम, धर्म व्यवहारै लाज,
याद तुम्हरि बेटी, याद च हम।।
ःः कल्याण सिंह चौहान "दिल":::
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