प्रदेशी

 
         ।ःःःःःःःप्रदेशी ःःःःःःः।।
                   ःःःःःःःःःःःः

 कख  छौं, कनु छौं, अपणू घर छोड़ि,
 प्रदेश  मा मैं आज ।।

 हे सात पुस्तों का पित्रों
 छौंदा ब्बे-बाबू, बोडा-बोडी,
 चै-चचों, भै-भौजूं, भै-भूल्लों,
 दीदि-भुल्यू, भतिजा-भतिजों, अकेलु हवेग्यों ।
भरपूर परिवार छोडी, प्रदेश मा मैं आज ।।

 हे गौं का पंचनाम देवतों,
 छौंदा कुड़ि-पुंगड़ी, डिंडली-तिवरी,
 पांडा-ओबरों, हाट-चौक',
 द्वार-मोरियू, भ्यांंरा पठबोड़ों होंदु, 
 कुकरेठा गोड़े ग्यों, प्रदेश  मा मैं आज ।।

 हे भूमि का भुम्याल देवता,
 छौंदा मुंरेडी- सगोड़ी पतोड़ी,
 गद्गदी- डंगलड़ी पुङ्ग्ड्यू,
 सटेड़ि-कोदड़ी पुङ्ग्ड्यू,
 अकेलू ऐकांत बैठन्णू भी,
 तरिसिग्यों, प्रदेश  मा मैं आज ।।

 हे हिमाल, हे पंच प्रयाग,
 छौंदा धारा-पंदेरों, नौ-खल्यू,
 छोया मंगरों, गाड़-गदनों,
 कूल-नैरू, डिग्गि-हौद्यू
 अकेलू पेना पानी बूंदूं भी,
 तरिसिग्यों, प्रदेश मा मैं आज ।।

  हे पंच बद्री, पंच केदार,
 छौंदा गौ -गौलउ, अड़ोसी-पड़ोस्यू
 नाता-रिस्तों, खोल-थोका,
 पौ-पंचैता, अगल-बगला
 अकेलु डारियों कु गोणि सी,
 छूटग्यों प्रदेश मा मैं आज ।। 

 हे द्यौ देवता, वनस्पति देवता,
 छौंदा डाली-बुटल्यू , बांज-बुरांस,
 आरू-चोला, बेडु-तिमला, हिंसर-किंगोड़,
 आम-लिम्बा, पिफुलू-बोड़ का
 अकेलु छैलु बैठनू भी,
 तरिसिग्यों प्रदेश मा मैं आज ।।

        ःःःःकल्याणसिंह चौहानःःः
             ःःःःःःःःःःःःःःः

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