भोलेनाथ

 ।।ःःःः भोलेनाथ ःःःः।। 
          ःःःःःःःः
भोले तेरे चरणों मे, मैंने अपने को सौंप दिया है,
प्रभु सौंप दिया है, तेरे चरणों मे.......

भोले तेरे सिवाय न जग मे, कोई सहारा है, कोई सहारा है
प्रभु चाहे ठुकरा दे तू,  या दे दे सहारा.. प्रभु देदे सहारा
प्रभु तेरे चरणों मे, मैंने अपने को सौंप दिया है........

प्रभु सब तेरा दिया है, भोले सब तेरा है,
ये दुनिया तेरी, प्रभु फूल पत्ते भी तेरे,
जल तेरा, हवा तेरी, ये चराचर सब तेरा,
भोले फिर क्या भेंट करू तुझको,
मैंने अपने मैं को, तेरे चरणों भेंट किया है।
प्रभु तेरे चरणों मे, मैंने अपने को सौंप दिया है........

भोले खबर नहीं अगले पल की। प्रभु अगले पल की,
दुनिया भूल गई, तू सबका रखवाला, प्रभु सबका....
भोले फिर मैं क्यों भटकूं, किसी के पीछे, जब तू देने वाला..
प्रभु तेरे चरणों मे, मैंने अपने को सौंप दिया है........

भोले अनोखा प्यार देखा, प्रभु तेरे घर मे, तेरे घर मे..
सिंह, वृष, नीलकंठ, भुजंग, चुहा,
सब रहते मिलजुल आपस मे, भोले तेरे घर मे, आपस में
फिर किसी के प्यार को क्यों तरसूं, भोले तेरे होते, प्रभु...

प्रभु तेरे चरणों मे, मैंने अपने को सौंप दिया है........

      ।।।ःः कल्याणसिंह चौहान"दिल"::।।।
             ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

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