तुम - बिन


 ।।ःःःःतुम  बिन ःःःः।।
                ःःःःःःःःःःःःःःःःः

कै का दुःखै, क्वी क्या जाणू, क्वी क्या जाणू।
कै की पीड़ै, क्वी क्या जाणू, क्वी क्या जाणू।
जै का खुटा बिंव्हांई, व्ही ही जाणू, व्ही ही जाणू। 
कै का दुःखै..

रोणू धोणू सभी देखदा, रोणू धोणू,
भितर चुभ्यू कांडू, क्वी नी देखदो, क्वी नी देखदू,
बितदी जैई, व्ही ही जाणू। 
कै का दुःखै की.........

सब छोड़ी चली ग्यां, कै का सहारा। कै का सहारा।
अपणी खैरी कै मा लगौंण, कै मा जी सुणौण।
क्वी नी च अपणू, क्वी नी च। 
कै का दुःखै कै.......।।

बौड़ी बौड़ी याद आली, पुराणा दिन्यू की। पुराणा दिन्यू।
दिलासू दिलौणू, क्वी नी दगड़।क्वी नी दगड़..।
क्वी नी दगड़ आंशू पोछूणू। आंशू पोछूणू। 
कै का दुःखै की..

तुम्हारा जाणौ दुःख, मै कू भारी।मै कू भारी।
दुनिया मा बिछोह न होऊ, सौंजड़्या कै कू।
सौंजड्या कै कू।

सौंजड़्या जनू नी होण, 
दुनिया मा सारी।दुनिया मा सारी। कै का.

सौंजड़्यौ दगड़ी सभी, घौरू रेला। घौरू रेला।
कन कै की रैण, एखूली एखूली।
कन कै रैण अकेला कूड़ि, अकेली डिंडाली। 
कै का दुःखै......।।

मतलबी दुनिया, सुखै की साथी।सुखै की साथी
उकाल काटी, छू ह्वे जांदी। छू ह्वे जांदी
 
नाता पाता भै बंदी, सब छूटी जांदी। सब छूट जांदी
कै का दुःखै, क्वी क्या जाणू। क्वी क्या जाणू...

 //बीच मे कोई स्वामी या दगड़या जोड़ सकता है।//

            ःःःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःःःः
            ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

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