होली मिलन

 ।।ःःहोली. मिलनःः।।
        ःःःःःःःःः
होळी का बाना, तेरा औणै खुशी,
मन मेरू रंगमतू बण्यूं च।
घाटा बाटों, फ्योलि बुरांश, अबीर-गुलाल धरै,
सरु गौं सज्जयूं च।  होळी का बाना------

ऐ अपणा सी, सब कुछ भूलिभाली, खुश मन ऐ।
निमन ह्वे आंखी, टकटकी लगै, तेरा बाटा लगी च।।

कै रंग लगैली, कै छोड़ली, त्वे पै छोड्यू च।
कनकै लगैली रंग, सरू गौंउ कठ्ठा होयूं च।
कब ऐली, वक्त नि कटणू, जिकुड़ि मेरी धकध्याट।
जब तू दिखेली, चैन पोड़ौलू, मेरा दिला अकत्याट।।
होळी का बाना, तेरा औणै------

आंख्यूं ही आंख्यूं, तन मन रंगलू, प्यार कू रंग।
सभी रंगू मा, पक्कू अर सच्चू रंग, प्यार कू रंग।।
होळी का बाना, तेरा औणै खुशी,
मन मेरू रंगमतू बण्यूं च।।
          ःःःकल्याण सिंह चौहान "दिल"::::
                      ःःःःःःःःःःःः

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