प्यार बंधन नी
।ःःःः प्यार बंधन नीःःःः।।
ःःःःःःःःःः
हां से तेरी, ना छै अच्छी,
मन मंदिर मा अपणा, त्वे सज्जै बैठ्यौं मी।।
औण से तेरा, नि औण छौ अच्छू,
किस्मत अपणी, दौं लगै बैठ्यौं मी।।
बाटा तेरा हेरण से, न हेरण छौ अच्छू,
दिला झरोखा अपणा, सज्जै बैठ्यौं मी।।
आंख्यूं से तेरि आंखी, नि मिलण छै अच्छी,
कली दिलै अपणा, खिलै बैठ्यौं मी।।
दगड़ से तेरा, मैं अकेलू छौ अच्छू,
होश दिला अपणा, गंवै बैठ्यौं मी।।
प्यार प्यास च, क्वी बंधन नी च,
क्वी करी निभौंदू, क्वी निभैकि करदू।।
।।ःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःः।।
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