पुष्पा मेरू मन

 
।ःःःःःःपुष्पा मेरू मनःःःःः।।।
    ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

त्वे मा लगीगे पुष्पा, मेरू मन । 
कनकै बतौऊ पुष्पा ,मेरू मन।
कनकै त्वे मिलू पुष्पा, मेरू मन। 
त्वे से,त्वे पै, त्वे मा पुष्पा, मेरू मन। त्वे मा लगीगे....

तेरा सुपन्यों पुष्पा,  मेरू मन। 
कभी हंसौंदा पुष्पा, मेरू मन। 
कभी रुलौंदा पुष्पा, मेरू मन।
कभी सागर सी गहराइयूं पुष्पा, मेरू मन। त्वे मा लगीगे..

तेरी रत्न्यालई आंख्यूं पुष्पा, मेरू मन।
तेरू मुलमुल हैंसूणौं पुष्पा, मेरू मन।
तेरू मठुमठु हिटणू पुष्पा, मेरू मन।
तेरि प्यारी सुरत बसिगे पुष्पा ,मेरू मन। त्वे मा लगीगे....

तेरा औंण जांणा बाटों पुष्पा, मेरू मन।
औंदू जांदू त्वे देखूणो पुष्पा, मेरू मन।
तेरि मिठ्ठी बोली सुणणौ पुष्पा, मेरू मन।
कुछ तेरी सुणणौ, कुछ अपणी सुणणौ पुष्पा, मेरू मन। त्वे..

दिन त्वे मिलणै आश पुष्पा, मेरा मन।
त्वे बगैर रात नी कटदी पुष्पा, मेरा मन।
त्वे पौण खोण की उलझन पुष्पा, मेरा मन।
तु हर श्वांस, हर आश बसिगे पुष्पा, मेरा मन। त्वे मा लगीगे....

त्वे मा लगीगे पुष्पा, मेरू मन। त्वे मा.....।.

                      ःःःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःःःः
                       ःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःःः

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