प्यारै बात


            ।ःःःप्यारै बात:::::::।
              ःःःःःःःःःः

 न तिन कूछ बोली, न मिन कुछ सूणी,
 न मिन कुछ बोली, न तिन कूछ सूणि,
         फिर लोखू मां यह खुशफुस्याट क्यांकू।।

 न कुछ बिमरी मैंमा, न कुछ बिमरी त्वेमा,
 न बोझभारू मैंमा, न उधरी उकाल त्वेमा,,
        फिर जुकड़ी मां यह धकध्याट क्यांकू।।

 न खाणपेंण की, न पढ़ण लेखना की शुदबुद,
 न लाटु  कालु मैं, न लाटिकाली सुनपटया तू,
             फिर एकली सी सुनपटया रटण क्यांकु।।

               ःःःः  कल्याणसिंह चैहानःःः

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