मेरू भुल्ला


 ।।।...ःःःःमेरू भुल्लाःःःः...।।।             
               ःःःःःःःःः                 
   
कैन देखी होलू, मेरू भूल्ला, देखेणू नी च।               
कुछ बोली नी गेई, कुछ  बतैैई नी च।। 
कैन देखी होलू...

खोज्याणू छौौं वेई, उल्या पल्या भीतर।                      
कखी नी दिखेणू, कख गैई होलू।  
कैन देखी होलू.......       

गौं का भै बैंंणौं कैन, मेरु भूल्ला देखी।।                          
कैकी दगड़ होलू, कैका होलू घौर।।   
कैन देखी होलू...... 

बिना खैंयां, पियां, कख गै होलू।                         
भुखू प्यासू कख होलू, जरा नी डौर।। 
कैन देखी होलू.... ..

अपणौ मा क्यांं कू गुस्सा, गुस्सा नी होणू।                      
तेरा बिगैर ज्यू नी लगदू, झट घौर औण।। 
कैन देखी होलू.... ..

तेरा बगैर मोरी जाण, फिर ना बोली। 
लोखून त्वै कू बोन, तेरू नौऊ धरण।। 
कैन देखी होलू..... 

जख भी ह्वेली भैजी, खुश ह्वे रैई।                                
इनै उनै नी डफकी, प्रभु ध्यान कैरी।। 
कैन देखी होलू.....               
   
कैन देखी होलू, मेरू भूल्ला, देखेणू नी च।।                      
कुछ बोली नी गैई, कुछ बतैई नी च।।
कैन देखी होलू.........

    ःःःःःः तेरू भै कल्याणःःःःः।    
               ।।।।।। ।।।।।।।।।

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