भै- बैणौ प्यार
ःःःःःःःः भै बैणौ... प्यार ःःःःः।
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भै बैणौ कु प्यार भैजी, मां बाबुई देण।
भौं कुछ बदली जालू भैजी, अपणू खून नी बदलेण।।
भै बैणौ कु प्यार भैजी, एक ही जनू होंदू।।
न कैकू प्यार ज्यादा भैजी, न कैकू होंदु कम।।
भ्यार मिली जालू भैजी, सब कुछ भ्यार।
कखी नी मिलुणू भैजी, भै बैणौ जनू प्यार।।
निया मा नाता रिस्ता भैजी, सभी ह्वेना।
अपणा ही बोलला भैजी, मेरू भै, मेरी बैणा।।
सदानी नी रैंदा भैजी, एक जना दिन।
भुले जालू सब भैजी, नी भुलेणा बचपन का दिन।।
भै बैणो कू प्यार भैजी, पाणी कू स्रोत।
अण ब्यौवयां भै बैणो भैजी, प्रेम भौत भौत। ।
दुनिया की रीत भैजी, सदानी साथ नी रैण।
भै बैणा दूर ह्वेगैन भैजी, बौ जी हैकू खून।।
भै बैणा प्यारा भैजी, सभी भै बैणा प्यारा।
हक कम ह्वे जांदू भैजी, सभी ह्वेग्या न्यारा।
सभी भै बैणा सुखी चैंदा भैजी, चाहे रौन दूर।
ऐन वक्त काम आलू भैजी, अपणू खून।।
भै बैणौ कु प्यार भैजी, मां बाबुई देण।
भौं कुछ बदली जालू भैजी, अपणू खून भैजी नी बदलेण ।।
.......कल्याणसिंह चौहान "दिल"......
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