मेरे प्यार

 ःःःः मेरे प्यार ःःःः

      ःःःःःःःः

मेरे सिसकते आंसुओं की,
बहती किताब में,

कहीं न कहीं तुम,
जरूर शामिल हो,

लिखा न हो तुमनें.
कोई अक्षर,

 लेकिन
दिल के दर्द की कलम,
तुम्हीं हो ।

आंखों की दवात मे,
आंसुओं की स्याही,
तुम्हीं तो हो,
मेरे प्यार ।।

ःःःःकल्याण सिंह चौहानःःःःः

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