देव भूमि-. उत्तराखंड

 

      ।ःःः  ’’देव भूमि- उत्तराखण्ड’’ ःःःः।।
                  ःःःःःःःःःःःःः

देव भूमी, प्यारी भूमी, खण्ड उत्तरा स्वर्ग भूमी।
जन्म भूमी, त्वेकु दण्डवत प्रणाम, मेरी भूमी।।

शिव कु कैलाश यख, मठू मा मठ केदार।
हिम राज हिमाल खड़ू, स्वर्ग जाणौ बाटू।।                        
लक्ष्मी नारायण बद्री, नर नारायण साक्षात।
जोग्यों का तप, सजदू अक्षरियों कु साज।।

 देव भूमी, प्यारी भूमी, खण्ड उत्तरा स्वर्ग भूमी।
 जन्म भूमी, त्वेकु दण्डवत प्रणाम, मेरी भूमी।।      

 पंच केदार, पंच बदरी, पंच प्रयागै थाती।                     
 मोक्षदायनी गगां, सजी फूलों की घाटी।।                      
 पार्वती कू मैत, शिवजी कू होलु सौरास।
 हिंवली डांडी कांठि, जड़ि बूटि च खास।।

 देव भूमी, प्यारी भूमी, खण्ड उत्तरा स्वर्ग भूमी।
 जन्म भूमी, त्वेकु दण्डवत प्रणाम, मेरी भूमी।।     

 चैत संगरंदि फुलदेई, फूली फ्यौलि बुरांस।                     
 धुधूती धूरदी, कखी सुवा, कफु, हिलांस।                           स्वाणि बोलि भाषा, स्वाणा रीति रिवाज।।        
 ढोल दमौ, डौंर थाली, बजदा स्वणा साज।।

 देव भूमी, प्यारी भूमी, खण्ड उत्तरा स्वर्ग भूमी।
 जन्म भूमी, त्वेकु दण्डवत प्रणाम, मेरी भूमी।। 

               ।।ःःःःकल्याणसिंह चैहानःःःःः।।
                       ःःःःःःःःःःःःःःःः

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