वक्त

 
           ।ःःःःःःःवक्तःःःःःःः।।
                        ःःःःःःःःः
 
 वक्त-वक्त पर, वक्त-वक्तै बात याद ऐजांदिन।
 कै वक्त हंसैं जांदी बात, कै वक्त रुलै जांदिन।
 कै वक्त समलौण, कुतगई देकि गुदगुदै जांदिन।
 कै वक्त बात चमड़ताल मारी,बबरै-उठै जांदिन।
 वक्त-वक्त पर, वक्त-वक्तै बात याद ऐजांदिन  ।।

 
 ब्वै-बाबू का वक्तै,हमरी भी क्युई बात छई।
 हम भी कै का, राजदुलारा से कम नी छाई। 
 वक्तै बात, एक वक्त अपनू इन भी आयो।
 कोल्हू/भुर्त्या बल्द सी दिनरात जुत्या छाई।
 वक्त-वक्त पर वक्त-वक्तै बात याद ऐजांदिन।।

 
 बोलदन वक्त पड़ण पर ही अपना पछनेदिन।
 वक्त बुरु त गुढ़यरा गोरु भी लत्ये सिंगे जांदिन।
 वक्तै बात च मां जायां टगड़ी खैंची लमडैदिदन।
 कभी प्यार जाया हाथ पकड़ी दगड़ा चल दिदन।
  वक्त-वक्त पर वक्त-वक्तै बात याद  ऐजांदिन।।

 
 गुस्सा मा लोग गधा/ उल्लू का पठ्ठा बोदन।
 प्यार मा शेर का बच्चा बोली शाबाशी दिदन।
 वक्तै बात हम कभी गुस्सा कभी खुश ह्वे जांदा।
 सोचण की बात च बोल्दा त द्वी कु जानवरी छन।
 वक्त-वक्त पर वक्त-वक्तै बात याद ऐजांदिन।।

                    ःःःःःः कल्याणसिंह चैहानःःःःः
                               ःःःःःःःःःःःः

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