जाने वाले

 

।।ःःःःजाने वाले ःःःः।।
       ःःःःःःःःःःःः

किसी के जाने का दुःख क्या होता है, कोई क्या जाने।
उन्हें पूछो, जिन्हें छोड़ चला गया अपना कहां न जाने।।

दुनिया तो हे राम हे राम कहती है, शमशान पहुचने तक।
घड़ी भर तसल्ली देंगे लोग, चिता की आग ठंडी होने तक।।

वह जगह भर न सकेगी, जिसे छोड़ चला गया जाने वाला।
उनकी बातें  यादें याद आऐगी, पर न आएगा जाने वाला।।

कभी लगता है, वह सामने है हमारे,  हमसे बात करने को।
सपना टूटता है जब, कुछ नही रहता है,  सिवाय रोने को।।

भूल जाऐगी दुनिया, कुछ याद न रखेगी, समय बीतने पर।
बस घड़ी भर को याद करेंगे,  कभी किसी को देखने पर।।

कितने सपने बुने थे, कुछ तुमने, कुछ परिवार ने मिलकर।
सब टूट गए तुम्हारे जाने पर, अब बुनेंगे सपने नये मिलकर।।

क्या लेकर आऐ थे दुनिया में, क्या यहां से लेकर जाओगे।
कहते हैं लोग अपने किए, अच्छे बुरे कर्म लेकर जाओगे।।

ऐ इंसान कुछ ऐसा करके जा कि, दुनिया भूल न पाऐ तुम्हें।
हो जहां भी भलाई कि बातें, लोग याद करें सबसे पहले तुम्हें।।
   
     ःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःः
                   ःःःःःःःःःःःः

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