ज्वान ह्वेली तू
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ज्वान ह्वेली तू "ःःःः।
बांदू
मा कि बांद पुष्पा, ज्वनू मा कि ज्वान,
आंख्यूं
कर दि बात पुष्पा, हर दिलै मुस्कान।।
रूप
रंगै खान पुष्पा, चढ़ी
ज्वनि परवान,
लाल गल्वड़्यू पुष्पा, काला तिलै पहचान।।
पूर्णमसी
सी जोन पुष्पा, नशै
की दुकान,
छड़छड़ा बदनै पुष्पा, कथगा दिल्वी जान।।
ज्वनूवी
चढ़ी जुबान पुष्पा, लखु दिल्वी अरमान,
लोखुवी कंदुड़ि पुष्पा, तेरा मिठ्ठा बोल्वी रस्याण।।
लाल गल्वड़्यू पुष्पा, काला तिलै पहचान।।
छड़छड़ा बदनै पुष्पा, कथगा दिल्वी जान।।
लोखुवी कंदुड़ि पुष्पा, तेरा मिठ्ठा बोल्वी रस्याण।।
गीतौ
सी ज्ञान पुष्पा, मंदिरौ सी गान,
जै कौथिग जांदि पुष्पा, वे कौथिगै शान।।
जै कौथिग जांदि पुष्पा, वे कौथिगै शान।।
कल्याण सिंह चौहान "दिल"
Very nice
ReplyDeletenice tau jii
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