नीड़

               ःःःःःः नीड़ ःःःःःः

                  ःःःःःःःःःःःः

पंख निकले, पंछी छोड़ चला नीड़,
भुला नाते.रिस्ते, उड़ चला अनन्त गगन,
छूने ऊंचाई आकाश।।

एक. एक तिनका, सम्भाले जर्जर नीड़,
न जाने लौट आऐगा, एक दिन,
छोड़ जाने वाला नीड़।।

टूटती आश, पक्का विश्वास,
कोई नीड़ नहीं कहीं और, बैठने को,
जमीन के सिवाय।।

ःःःःःः  कल्याण सिंह चौहान  ःःःःः


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