फर्क प्यार मे
ःःःः फर्क प्यार मे ःःःः
ःःःःःःःःःः
फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे,
मुझे तेरे प्यार के सिवाय, कुछ दिखता नहीं,
तुम्हें मेरी कमियों के सिवाय, कुछ दिखता नहीं।।
मुझे तेरे प्यार के सिवाय, कुछ दिखता नहीं,
तुम्हें मेरी कमियों के सिवाय, कुछ दिखता नहीं।।
मुझे प्यार है बस, एक तेरे प्यार से,
तुम प्यार मे भी बस, अपने फायदा देखते हो,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
तुम प्यार मे भी बस, अपने फायदा देखते हो,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
मेरे दिल दिमाग पे, नशा चढ़ा है तेरे प्यार का,
तुम्हें नशा वहम का, प्यार है तुम्हारी ठोकरों पे,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
तुम्हें नशा वहम का, प्यार है तुम्हारी ठोकरों पे,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
मेरा प्यार तुम हो, बस तुम ही तुम,
तुम तौलते हो प्यार को भी, शक के तराजू मे,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
तेरा प्यार मिला मुझे, मुझे सब कुछ मिल गया,
बहाने प्यार के तुम, यार बदलते हो कपड़ों की तरह,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
मेरे लिए प्यार पूजा है, पूजा ही प्यार है,
तेरी पूजा भी दिखावा, तेरा प्यार भी दिखावा है,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
मैं डूबा हूं, तेरे प्यार की गहराइयों मे,
तुम्हें बहाना मिल गया कि तुम्हें तैरना आता नहीं,
बस फर्क इतना सा है, मेरे और तेरे प्यार मे ।।
ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः
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