बेटी- बिदै

              ःःःःःःःः बेटी बिदै ःःःःःः
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ब्वे बब्बू आशीष बेटी, ली जा भै बैणौं कू प्यार।
मैत जन्मौ ठौर बेटी,  सैसुर तेरू सच्चू घौरबार।।

मैतै खुद न लगू कभी,  मिलु सैसुर त्वे इथगा प्यार।
जीति दिल सभ्यूंकु बेटी, अपणा कुशल व्यवहार।।

ब्वे बब्बूई लाडली छैं तू,  छैं भै बैंणौं कु लाड प्यार।
मैता सुसंस्कारून बेटी, सज्जै अपणू नयू संसार।।

बड़ु भागि बोलदि दुनिया, जु करला कन्यादान।
प्यारै पली सैंती लाडी, ह्वेगी आज द्वी घरू मान।।

खुशियूंन भोरि रौ झोली तेरी, बिंवैंं कि भी नि हो बात।
तेरा जीवन, घौरबार बेटी, बणी रौ हमेशा बसन्त बहार।।

बेटी ब्यवौणे दुनिये रीत, खून नि ह्वे कभी परै।
ब्वे बुब्बा छौंदु मैत बेटियूं, बाकि कुछ नी रै।।

                  ःःःः कल्याण सिंह चौहान दिल ::::       
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