लोग अर हम
ःःःः लोग अर हम ःःःः
ःःःःःःःःःः
लोख्वी छुप्यूं कू असर हम पै,
हमरी छुप्यूं कू असर होंदू लोखू पै।
लोग सुणदा,गुणदा,भाग देंदा,
फिर सौ सवालू एक जबाब,
अणसुणि करी चुप ह्वे जांदा,
हम लोख्वी सूणी अणमणा ह्वे जांदा।।
लोख्वू देखणौ असर हम पै,
हमरा देखणौ असर होंदू लोखू पै।।
लोग देखी आंखि झुकौंदा,
झुकी आंखि उठैकि मुल हैंसदा,
हम लोखू देखी भी अजाण बणया रैंदा।।
लोख्वी समझ-समझौणौ असर हम पै,
हमरी समझ-समझौणौ असर होंदू लोखू पै।।
लोग समझी-बूझी भी शांत,
न क्वी स्वी न सै, हर बात पै सचेत,
हम ना समझ, न समझी भी समझदार।।
लोख्वी सुण-सुणौणौ असर हम पै,
हमरी सुण-सुणौणौ असर होंदू लोखू पै।।
लोग ज्यादा सूणी, कम सुणौदा,
धीर गंभीर, बिना बोल्या,
हम लोख्वी नि सुणदा,
अफरी सुणौदा लोखूं, बिना रुक्यां।।
लोख्वी छुप्यूं कू असर हम पै,
हमरी छुप्यूं कू असर होंदू लोखू पै।।
ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः
ःःःःःःःःःःःःःः
Comments
Post a Comment