गीता

 ःःःः गीता ज्ञान ःःःः
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गीता एक शब्द, किताब नहीं, अलौकिक दृष्टि है।
ब्रह्म ज्ञान युक्त, आत्म साध, सूक्ष्म रूप सृष्टि  है।।

गीता, गंगा, गायत्री, गौ का मान, मां सम्मान है।
मानसिक, आंतरिक, बाह्य युद्ध, जीत प्रमाण है।।

प्रभु मुख प्रवाहित गीता, दिव्य प्रकाश पुंज  है।
धुंध छटी धर्म क्षेत्र मे परिवर्तित हुआ, युद्ध क्षेत्र है।।

शांत चित्त, धर्म विश्वास, प्रभु पाद एकाग्र ध्यान हो।
वरना शिव संग सती, कृष्ण सखा अर्जुन क्यों न हो।।

धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, गीता समाहित मोक्ष मार्ग है।
प्रभु समर्पित कर प्रत्येक कार्य, यही गीता संदेश है।।

          ःःःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःःःः


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