ज्वान ह्वेली तू

 ।।ःःःः-" ज्वान ह्वेली तू "ःःःः।।
               ःःःःःःःःःःःःःः

बांदू मा कि बांद पुष्पा , ज्वनू मा कि ज्वान ,
आंख्यूं कर दि बात पुष्पा , हर दिलै मुस्कान ।।

रूप रंगै खान पुष्पा , चढ़ी ज्वनि परवान ,
लाल गल्वड़्यू पुष्पा , काला तिलै पहचान ।।

पूर्णमसी सी जोन पुष्पा , नशै की दुकान ,
छड़छड़ा बदनै पुष्पा, कथगा दिल्वी जान ।।

ज्वनूवी चढ़ी जुबान पुष्पा , लखु दिल्वी अरमान,
लोखुवी कंदुड़ि पुष्पा , तेरा मिठ्ठा बोल्वी रस्याण ।।

गीतौ सी ज्ञान पुष्पा , मंदिरौ सी गान ,
जै कौथिग जांदि पुष्पा , वे कौथिगै शान ।।

       ।।।।ःःःः कल्याण सिंह चौहानःःःःः।।।।

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