जीवन के तीन बिन्दु
।।ःःः जीवन के तीन बिन्दु ःः।।
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दुनिया से बेखबर, प्यारी सी मुरत,
गोरखधंधौं से दूर, भोली सी सूरत,
प्यार से भरे भाव, चाहे पाना जिसे,
दुबारा हर कोई, पा न सके कोई,
बचपन है उस सपने का नाम।।
उफनते बरसाती नाले, तेज तरार,
लड़ने भिड़ने, भला बुरे की न सोच,
आसमान की ऊंचाइयों को छूते,
लड़ाकू विमानों से बात करता,
जोश जवानी है।।
जर्जर अस्थि पंजरों के,
ढीले होते नट बोल्टों के,
रुकरुक कर, उचित समय,
उचित स्थान पर, सभी दायित्वों
को निभाने वाली स्थिति का नाम,
बुढापा है।।
।।ःःःःकल्याण सिंह चौहान ःःःः।।
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