जरूरी नहीं
ःःःः जरूरी नहीं ःःः
भूख खाने की ही हो, जरूरी तो नहीं।
गले मिलन को ईद ही हो, जरूरी तो नहीं।
मुस्कराने की कोई वजह हो, जरूरी तो नहीं।।
बोल के ही सब कहा जाए, जरूरी तो नहीं।
चांद आसमान में ही हो, जरूरी तो नहीं।
सपने नींद में ही देखें जांए, जरूरी तो नहीं।।
अकेलापन अकेले में ही महसूस हो, जरूरी तो नहीं।
गम भुलाने शराब ही पी जाए, जरूरी तो नहीं।
बनाने एक और ताजमहल, मुमताज जरूरी तो नहीं।।
कल्याण सिंह चौहान
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