फाल्गुन आयो रे

ःःःः फाल्गुन आयो रे ःःःः
     ःःःःःःःःःःःःःः

नमो मां सरस्वती, नमो गौरी सुत गणेश,
प्रथम पूजन आपका, आयो रंगीलो बसंत।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत ।।

धरती ने ओढ़ी सतरंगी चादर,
ऋतुराज बसंत आयो रे।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत।।

सरसों फूली, आम बौराए,
कोयल करे गान रे।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत।।

मस्ती मे झूमो, गाओ,
मदमस्त फाल्गुन आयो रे।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत।।

कान्हा की बंसी बाजे,
राधा गाए फाग रे।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत।।

हर रंग के रंग, बसंत,
हर रंग देता, प्रेम संदेश रे।।
बोलो सा रा रा फाल्गुन आयो रे, आयो रंगीलो बसंत।।

       कल्याण सिंह चौहान"दिल"



Comments

Popular posts from this blog

प्रेम रंगोत्सव

बुढ़ा न बोलो

बड़ै तेरी