त्वे मा

 ःःःः। त्वे मा। ःःःः
      ःःःःःःःः

क्वी त बात होलि त्वे मा, 
जु मेरु मन लगि त्वे मा ।।

न जणि क्या खास बात,
मेरा मनन देखि, त्वे मा ।।

न जणि क्या चीज,
मेरी आंखि खोजदि त्वे मा ।।

न जणि क्या जादू त्वे मा, 
मेरु ध्यान लगियू रैंदु त्वे मा ।।

न जणि कन पाणि त्वे मा, 
मेरी तीस बणी रैंदी त्वे मा ।।

न जणि क्या खूबि त्वे मा, 
मेरी रटन लगियूं रैंदु त्वे मा।।

मेरु मन यनि भटकुणू ,
कुछ त हां ना बोल मैं मा।।

      कल्याण सिंह चौहान

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