अपणु दुःख

 ःःःः  अपणु दुःख ःःःः
        ःःःःःःःःःः

अपणु दुःख कै मा लगौण, 
कै मा सुणौण।।

घुटुदु छौं त, गिचु फुकेंदू,
थुकुदु छौं त, दूध खतेंदू।। अपणु दुःख....

भ्यार बोलदौ, बदनामी होंद,
भीतर रखदौ, उकताट होंद।। अपणु दुःख...

भ्यारौ देयूं दुःख, अपणा बंटदा,
अपणौं कु देयूं दुःख, क्वी नी बंटूदू।। अपणु दुःख...

बबलौंदा होंठूं, हैंसण पोड़दू,
डबलौंदि आंख्यूं, खुश रैण पोड़दू।। अपणु दुःख...

बिरली मरी, सभ्यूंन देखि,
दूध खतियूं, क्वी नी देखदू।। अपणु दुःख.....

रात्यूं सिरणु, भिगौंदा आंसू,
अफी तै अफी, समझौण पोड़दू।।

अपणु दुःख कै मा लगौण, 
कै मा सुणौण।।

         कल्याण सिंह चौहान

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