सौंजड़्या
ःःःः। सौंजड़्या ।ःःःः
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तु बोलदे, मैं मा कुछ नि बतौंदा तुम,
बतौंदु छौं त, बोलदे मैं पता च सौब।।
मेरू सवाल भी त्वी त, जबाब भी त्वी छैं,
कुटुमा बिछड़यां अपणौ कु, एकरूप त्वी छैं।।
मेरी खुशी त्वी, मेरी सुबेर ब्यखन भी त्वी छैं।
मेरी लगौण्यां पठौण्यां, राजदार भी त्वी छैं।।
मेरी खुशियों कु, अफी तै भुली बिसरी छैं।
गारामाटा कूड़ा, घौर बणौणवली भी त्वी छैं।।
दुनिया बनिबन्यां नौ से, बुलौंदि त्वे।
शिवा कु मन्जू नौ ही, अच्छू लगदु त्वे।।
ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः
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