हैंसणू
ःःःः हैंसणू ःःःः
ःःःःःःःः
हैंस्यां जमनु ह्वेगि,
हैंसदा कन बिसिरि गी।
ब्बै, बुब्बा छौंदु, राज छौ हमरू।
खिकताटा सिवै, क्या काज छौ हमरू।।
ज्वनी देली, बढ़ेन जु खुटा।
राजपाटै दगड़, खिकताट भी गै।।
ज्वनी मा, मौजमस्ती सोचदा छा।
खिकताट क्या, हैंसणू भी नि रै।।
ब्बै, बुब्बा राज जनू, क्वी राज नि ह्वे।
पुरणौ कु जनु, ठटा मखौल नि रै।
ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः
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