गौं रेणू

 ःःःः  गौं रेणू ःःःः
        ःःःःःः

गौं मा रेणू, मुश्किल ह्वेग्या।
कुमरयाण माटै, क्वी बिष घोल ग्या।

सेवासौंली छोड़ी, हलौ हाइ ह्वेग्या।
चौंठी भुकि, खुटौं सेवा, बिसिरि ग्या।।

घ्यू दूधै परया परोठी हरिचि गेन।
थैल्या घ्यू दूधौ, रिवाज ह्वेग्या।।

भै बंदी, रिस्तादारी सब फोनै ह्वेग्या।
आवभगत भी सब, पैंछै रे ग्या।।

लोग क्या, हम सभी मतलबी ह्वेग्यां।
जौं सै मतलब, ऊं का रिस्तादार ह्वेग्यां।।

पैलि एक चुल्है सै, सभी चुल्हौं की आग छै।
आज एक हैका देखी, जलणै आग ह्वे ग्या।।

        ःःःः  कल्याण सिंह चौहान ःःःः

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