अंतिम परीक्षा

 ःःःः  अंतिम परीक्षा  ःःःः
          ःःःःःःःःः

जीवन की अंतिम परीक्षा, देने की तैयारी है।
अपने पाप पुण्य, प्रस्तुत करने की बारी है।।

परीक्षा होगी कब, कोई समय निश्चित नहीं है।
पर होगी जरूर, टलने का कोई सवाल नहीं है।।

होगा आंकलन पूरे जीवन का, लोग परीक्षक होंगे।
शून्य बुरे कर्मों के, अच्छे कर्मों के अच्छे अंक होंगे।।

मुख्य परीक्षक से साक्षात्कार, अंतिम परीक्षा होगी।
फिर पंच तत्व पंच तत्व मे, पूर्ण सम्माहित होगें।।

तब न कोई अपना, न कोई पराया जग मे होगा।
कहीं स्थिर शांति होगी, कहीं रोना धोना होगा।।

हे राम भला इंसान था, स्वर्ग सा सम्मान होगा।
अच्छा हुआ बोझ चला गया, नर्क समान होगा।।

जीवन की अंतिम परीक्षा, देने की तैयारी है।
अपने पाप पुण्य, प्रस्तुत करने की बारी है।।

      ःःःः कल्याण सिंह चौहान ःःःः

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