दो प्रेमी
ःःःः दो प्रेमी - DO PREMI ःः
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ऐ छुपछुप के देखने वाले, कभी खुल के भी देख ले।
हमें भी रहता है इंतजार तेरा, बस इतना तू जान ले।।
किसी की आंखों का झुकना, बहुत कुछ कहता है।
कोई लज्जा, कोई इज्ज़त, कोई इसे प्यार कहता है।।
एक दूसरे के संकेत दोनों प्रेमी ही समझे, तो प्यार है।
कोई और समझे प्रेमियों के संकेत तो बदनाम प्यार है।।
तुम बातें करते हो किसी और से, संदेश हमें होता है।
प्यार पढ़ लेता है संदेश, अगर कागज कोरा भी होता है।।
ःः कल्याण सिंह चौहान ःः
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