हाय रे जमाना

 ःःःः हाय रे जमाना - HAYE RE JAMANA ःःःः
    ःःःःःःःःःःःः

हाय रे जमाना, कनू आई।
मल्लि-मुल्ली, वल्लि-पल्ली,
बांजि पोड़िगेन, गौं कि सारी।
हाय रे जमाना, कनू आई।

काम-काज नि रै गौं मा,
सुबेर-व्यखन घुमणी बेटि-बुवारी।
हाय रे जमाना, कनू आई।

गौड़ि- भैंसी, बलद्वी जोड़ी,
गौं मा एक आद, कै का चौक,
होयूंच, कुत्तों पलणू, कु शौक।
हाय रे जमाना, कनू आई।

बखरा-कुखड़ौं कि पलीई डार,
लोभ, पैंसा आला, कीसा चार।
हाय रे जमाना, कनू आई।

घौरौ दूध घीऊ, स्वर्गै बात,
बूढ़-बुढ़िया, नौना- बाला,
दूध-घीऊ से, सभी लाचार।
हाय रे जमाना, कनू आई।

दारु-जुऔं, मर्द मस्त,
कीर्तनू, नाच गांणौं, जननी व्यस्त,
घर गिर्स्थीयू चक्र ध्वस्त।
हाय रे जमाना, कनू आई।

      ःः कल्याण सिंह चौहान ःः 

Comments

Popular posts from this blog

प्रेम रंगोत्सव

बुढ़ा न बोलो

बड़ै तेरी