प्यारौ नी जमनु
ःःःः प्यारौ नी जमनु ःःःः
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प्यारा सिवै, मैं कुछ औंदु नी।
जमना कै कु प्यार, स्वांदु नी।।
एक प्यार ही च, जै हर क्वी चांदु।
अपणु चुप सै, है कौ बदनाम चांदु।।
सच्चै दगड़, रौणै कोशिश कर दौ।
जमना सच्चै, पसंद औंदि नी च।।
भलै सिवै, मैं कुछ जणदू नी।
मुफ्तै भलै, जमना पचदी नी।।
दयाभाव मैं, छोड़दु नी।
ल्वै तिस्वलुउ जमनु, दया जणदु नी।
मदद करणै, करदौ कोशिश।
जमना स्वार्था सिवै, कुछ दिखदु नी।।
प्यारा सिवै, मैं कुछ औंदु नी।
जमना कै कु प्यार, स्वांदु नी।।
कल्याण सिंह चौहान
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