जणदु/दि छौ मैं

 ःःःः जणदु/दि छौं मैं ःःःः
       ःःःःःःःःःःःः

तिन क्या बोली, कै कु बोली,
सब समझदु/दि छौं मैं।।

सीधा बोलि नि सकदी,
तेरि मजबूरी समझदु/दि छौं मैं।।

प्यार नौ च मजबूरियू कू,
यु जणदु/दि छौं मैं।।

हमरा शरीर अलग,
दिल धड़कणु एक जणदु/दि छौं मैं।।

खौलआ मेलौं तेरु हंसि मजाक,
तेरा दिलै बात जणदु/दि छौं मैं।।

        ः ः कल्याण सिंह चौहान ःः

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