मेरा छोटा भाई मनू

 .ःःःःमेरा छोटा भाई मनू....ःःः

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दुनिया कुछ कहे न कहे, भाई तो भाई होता है।                

तू तो मेरी मां जाया , मेरा अपना सगा भाई था।                 

तू तो भुला चला गया, बचपन के सब किस्से ।।                   

हर गलती डांट मुझे मिलती, मैं बड़ा भाई था।।                                                                            

जाने से पहले दो तीन दिन, तू मुझको याद करता था।  

पिता जी भी कुछ कहते, माफ करना मिल न सका था।   

तेरे शरीर के घावों और वेदना को देख, मैं घबराता था।       

मेरा सहनशील शेर दिल भाई, कितनी वेदना सहता था।।                                                                          

क्या तेरी मर्जी आई, तू दुनिया के रीति रिवाज भूल गया। 

दुनिया से जाना बड़ो से होता है, मुझ से पहले चला गया।

भाइयों की गिनती को पगले  मनू, तू क्यों कम कर गया। 

मैंने तेरे कंधे जाना था पगले, तू मेरे कंधे पर चला गया।।                                                                       

ऐसी क्या बात थी मनू, जो तू मुझ से कुछ बोल न गया।        

तेरे बच्चे घोड़ी चढ़ने वाले हैं, किसके भरोसे छोड़ गया। 

खुशियों के मौके पर, सारा परिवार खुशियां मनाऐगा। 

मनू महफिल मे तू न दिखेगा, मेरा मन बहुत रोऐगा।। 


तुझे बिदा कर जब घर पहुंचा, तेरी पोती मुझसे कहती थी। 

वे दादू भगवान के तारे बन गए, जो ज्यादा मजाक करते थे। 

ये लोगों के लिए तुम्हारा प्यार था मनू, जो पोती कहती थी। 

पता है लोग सब भाईयों मे, बस तुझे  मिलनसार कहते थे।।                                                                         

मनू हर दिन मैं, तुझे अपने हृदय के सुमन चढ़ाऊंगा।      

आंखें तो थम जाऐंगी, तुझे दिल से न भुला पाऊंगा।        

हर अक्षर हर शब्द पर भाई, आंखों से आंसू झरते हैं।     

भाई ये कुछ और नहीं,  तेरी कुछ यादों के झरोखे हैं।।    


जब हमें छोड़ चला गया, बस प्रभु चरणों का ध्यान करना।

अब कुछ लालसा नहीं, बस प्रभु चरणों का चिन्तन करना।    

ये संसार तो मिथ्या है भाई, बस प्रभु चरणों मे वास करना।  

प्रभु तुझसे मेरी बिनती, मेरे मनू को अपने चरणों मे रखना।।

                    ........तुम्हारा भाई कल्याण...... ः

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