खुद तेरी

 :::::::'"खुद तेरी ":::::::
         #######

मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे, खुद तेरी, खुद तेरी।।

कन कै बिसरौंऊं, कै मा बिसरौंऊं,
उमाळ मन की, कौ बौ दिल की,
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे, खुद तेरी, खुद तेरी।।

बिसरौंदि नी च, भुलेंदि नी च,
औंदि श्वांस, जांदि श्वास,
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे, खुद तेरी, खुद तेरी।।

खांदु-पेंदू, उठदु-बैठदू,
अंगरै सी आग, घुटघुट बडुळी,
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे, खुद तेरी, खुद तेरी।।
खुद तेरी, खुद तेरी,

                  कल्याण सिंह चौहान "दिल"

Comments

Popular posts from this blog

प्रेम रंगोत्सव

बुढ़ा न बोलो

बड़ै तेरी