ईं दुनिया मा
## ईं दुनिया मा ##
तेरु मेरु, मेरु मेरु, कुछ नी,
मनौ बैम च तेरु मेरु, मेरु तेरु, ईं दुनिया मा।।
जै मायादारै रची, सरि माया,
वे मायादारौ खेल नि समझिए क्वी, , ईं दुनिया मा।।
रचियांन बनिबन्या किरदार, वे का,
खिलौना छां हम सब वे का हाथ, ईं दुनिया मा।।
वे मायादारै, माया बड़ि मायावी,
बगैर वे का, पत्ता भी नि हिलदु, ईं दुनिया मा।।
लोभ दे कि भेज्यान, वे का सब,
लोभ ही पापै, सरि जड़ च, ईं दुनिया मा।।
मायादारै माया से, जु बचि,
व्ही सुखि च मायादारै, ईं दुनिया मा।
:: कल्याण सिंह चौहान "दिल" ::
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