दौन-खार

 :: :: "दौन- खार" :: ::
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दौन-खारै झौळ अफु फुके, फुके आपणी मौ।
आप्त-मित्र भै-बंद झुलस्या, झुलसि सरु गौं।।

दौन-खार माटा दब्यूं मोरु, खारा दबी आग।
होण-खाणै मति खांद, खांद होदु-खांदु भाग।।

हुर्स्या-हुर्स्सि मौ बणि, ह्वे अपणु ब्वे-बब्बू नौ।
दौन-खार घाम लगि, अपणि होंद-खांद मौ।।

दौन-खार भितर कौंकु धुर-धुर, भ्यार कौंकु यौ-यौ।
जाणा दिनु अपणा लगन बैरि, भ्यारा लगन सौ।।

दौन-खारौ दुर्योधन बालि रावण, ह्वेन गर्क।
नि रैन दिया-बत्ती बळणू, न लेंदरा क्वी नौ।।

दौन-खारै झौळ अफु फुके, फुके आपणी मौ।
आप्त-मित्र भै-बंद झुलस्या, झुलसि सरु गौं।।

      :: :: कल्याण सिंह चौहान "दिल" :; ::


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