चल स्याळि पुष्पा

 " चल स्याळि पुष्पा"
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चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, 
त्वे घुमौलू, देवतौं कि भूमी, गढ़-कुमौऊ।

त्वे दर्शन करौलू, पंच केदार,पंच बद्री, साक्षात नर-नारैण, ।।
चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, त्वे घुमौलू

 त्वे स्नान करौलू, देव-कर्ण, रुद्र-नंद, सोन प्रयाग।
चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, त्वे घुमौलू, 

त्वे दिखौलू, शिव कू कैलाश, पार्वती कू मैत।
चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, त्वे घुमौलू, 

त्वे पिलौलू, गंगा कू जल, धारा मगरियूं कू ठंडु पाणी।
चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, त्वे घुमौलू, 

त्वे चौंफळा खिलौलू , ढोल-दमौऊ की थाप,
हुड़क- मसक बाजै की घून।।

चल स्याळि पुष्पा, हिट मेरा पहाड़, 
त्वे घुमौलू, देवतौं की भूमी, गढ़-कुमौऊ।

         कल्याण सिंह चौहान "दिल"

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