जय मां भारती
"जय मां भारती "
---#######---
यह भूमि भारती वंदनीय है, जय मां भारती, भारत भारती--
शीश/भाल शुभ्र मुकुट हिमाल, छूता आसमान है,
चरण पखारती/प्रक्षालती समुद्र की छलार है,
प्रभु राम-कृष्ण की अवतरण स्थली यह,
तपोभूमि बुद्ध-महावीर गुरु नानक देव की।
यह भूमि भारती वंदनीय है, जय मां भारती, भारत भारती--
अहिंसा परमो धर्मा, शत्रु वंदना, त्राण भी,
जीयो-जीने दो के, विश्व बंधुत्व ज्ञान की,
मुख में गीता, हाथ चक्र, धनुष-बाण भी,
धर्म रक्षा रक्षित, गुरु मंत्र ध्यान की।
यह भूमि भारती वंदनीय है, जय मां भारती, भारत भारती--
जीवन आधार शिव गंगा, मोक्षदायिनी,
अनेक भाषा-भाषी संस्कृति उत्थान की,
गौ-गंगा-गायत्री, वेद-पुराण-कुम्भ सम्मान की,
बसंती बयार बहती यहां, आपसी सौहार्द की।।
यह भूमि भारती वंदनीय है, जय मां भारती, भारत भारती--
कल्याण सिंह चौहान "दिल"
Comments
Post a Comment