सुमन स्याळि

 ## सुमन स्याळि ##
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मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि,
क्या जि लिखूं, क्या जि सोचूं, तेरा बारा मा।
घड़ी-घड़ी बदलदि सोच मेरी, घड़ी-घड़ी बदलदा,
बोल मेरा, तेरा बारा मा।
मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि,
क्या जि लिखूं, क्या जि सोचूं, तेरा बारा मा।

इन जी लिखूं, कि उन जी लिखूं, तेरा बारा मा,
दिल बोलदु, इन भी न, उन भी न लिखूं।
मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि,
क्या जि लिखूं, क्या जि सोचूं, तेरा बारा मा।

तु छै स्याळि, अपणि भांति, अपणि तरांह,
कैकि भांति, कैकि तरांह, किलै लिखूं, किलै सोचूं।
मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि, तेरा बारा मा।

फ्योलि-बुरांस, घुघति -हिंलांस, कुछ नि छन,
तेरि होंठिड़ि- गलोड़ि- आंख्यूं का समणि।
मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि,
क्या जि लिखूं, क्या जि सोचूं, तेरा बारा मा।

हिंवळि डांडि-कांठि, फुल्वी कंळि-पाखि,
फीकी छन, तेरा रंग-रूप, ज्वनी का बारा मा।
मेरी स्याळि, प्यारी स्याळि, सुमन स्याळि,
क्या जि लिखूं, क्या जि सोचूं, तेरा बारा मा।

           कल्याण सिंह चौहान "दिल"



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